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मेला रक्षाबंधन पर लगातार बढ़ती जा रही आंच, नहीं समाप्त हो रही राजनीति की खींचातानी।

संवाददाता‚ प्रवीण सैनी‚ मेरठः लावड़ भारतवर्ष में त्यौहार व मेलों के जरिए देश में सांस्कृतिक संपन्नता के बारे में पता चलता है। देश के सांस्कृतिक जीवन के परिपेक्ष्य में कई मोड़ आए और कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं को हमेशा याद रखने के लिए त्यौहार व मेलों का प्रचलन शुरू हुआ। किसी भी समाज के सांस्कृतिक जीवन का असली चेहरा त्यौहारों व मेलों में देखने को मिलता है। ऐसा ही ऐतिहासिक स्तरीय लावड़ का मेला रक्षाबंधन भी इसी बात का प्रमाण है। मगर समय के साथ लावड़ के मेला रक्षाबंधन पर आधुनिकता व राजनीति के चलते इस समृद्धशाली परंपरा का वजूद कम होता नजर आ रहा है। 15 अगस्त 2019 से शुभारंभ होने वाले मेला रक्षाबंधन पर राजनीति तब शुरु होती है। जब नगर पंचायत की मीटिंग में  वोटिंग द्वारा मेला रक्षाबंधन के सचिव को चुना जाता है। तभी से नगर पंचायत में पक्ष एवं विपक्ष का दौर शुरू हो जाता है। मामला उस वक्त और गर्मा जाता है जब कस्बे के आधा दर्जन से अधिक सभासदों के नाम मेला रक्षाबंधन के निमंत्रण पत्र पर नहीं छपे होते है। जिसको लेकर कस्बे के सातों सभासद नगर पंचायत के ऑफिस में पहुंचकर नगर अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार पर आधा दर्जन से अधिक सभासदों को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुए निमंत्रण पत्र वापस अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार को सौंप देते हैं । मीडिया से बातचीत के दौरान सभासद यादराम जाटव ने बताया कि कस्बे में हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मेला रक्षाबंधन कई वर्षों सें लग रहा है। जिसमें नगर पंचायत द्वारा मेले के निमंत्रण पत्र बनवाए जाते हैं। जिसमें कस्बे के समस्त सभासदों के नाम के साथ मेले में होने वाले कार्यक्रमों की सूची होती है। जिसमें कुछ निमंत्रण पत्र  कस्बे के सभासदों को दिए जाते हैं ताकि वे अपने परिचित एवं समाज के गणमान्य लोगों को निमंत्रण पत्र देकर मेले के लिए आमंत्रित कर सके। और बताया कि जब हमें यें निमंत्रण पत्र मिले तो हम सभी ने देखा कि निमंत्रण पत्र में खुद हमारे ही नाम नहीं छपे हुए हैं। अब विषय यह है कि जब हमारे नाम ही निमंत्रण पत्र में नहीं है तो हम कैसे अन्य व्यक्तियों को  निमंत्रण पत्र दे सकते हैं। साथ ही साथ कहा कि अबकी बार कस्बे के सात सभासदों को पक्ष एंव विपक्ष की नजर से देखा गया है जिस कारण हमारे नाम तक निमंत्रण पत्र में नहीं लिखे गये है यह हम सभी सात सभासदों के अस्तित्व एवं मान सम्मान को ठेस पहुंचाने की गहरी साजिश है। जिसके बाद मौके पर मौजूद सभी सभासदों ने अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार को निमंत्रण पत्र वापस सौंप दिए। और कहां की वह इस मामले की शिकायत डीएम से करेंगे। वहीं इस पूरे मामले की जानकारी के लिए अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार से बात की गई तो उन्होंनेे बताया कि मेले के निमंत्रण पत्र की सूची में समस्त नगर पंचायत सदस्यगण छपा हुआ है। इसमें पक्ष एवं विपक्ष वाली या अन्य सभासद को अनदेखा करने वाली जैसी कोई बात नहीं हैं। इस मौके पर सभासद यादराम जाटव, सूफी समीम, मोहम्मद शहजाद, कामिल, अफसाना आसिफ, जर्जर रुबीना, अकील आदि  मौजूद रहे।

Posted by रवि चौहान on 1:25 pm. Filed under , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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