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हरदोईः जिम्मेदार अधिकारियो के ढुलमुल रवैये से गई बेजुबान पशुओं की जान।

ब्यूरो‚ रवि लाला‚ हरदोईः उत्तर प्रदेश सरकार के गौआश्रय स्थल के लिये लाखों करोड़ों का बजट देने के वाबजूद हरदोई के बावन कस्बे मे गौआश्रय स्थल की स्थिति दयनीय बनी हुई है। प्रदेश सरकारी के मुखिया योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेशों के बाबजूद उनके मातहत अधिकारी गौआश्रय स्थल के नाम पर महज खानापूर्ति कर पैसा हड़पने का कार्य कर रहे है। हरदोई जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बाद भी उनके मातहत अधिकारी कतई सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। ग्राम विकास अधिकारी बावन सिर्फ पैसा हड़पने पर ज्यादा ध्यान देते है। वही जब हमारे रिपोर्टर गौआश्रय स्थल की हकीकत जानने के लिये पहुंचे तो वहां तैनात सफाईकर्मी नदारद मिले, प्रधान के द्वारा तैनात 04 व्यक्ति वहां मौजूद थे। जब रिपोर्टर ने गौआश्रय स्थल के अंदर जाने के बाद जो स्थिति देखी उससे दंग रह गये। उन्होंने देखा की 02 गाय मृत अवस्था मे है उनकी किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कोई जानकारी नहीं ली गई 01 गाय की तो कुछ दिन पूर्व मौत हुई। जिससे बदबू आ रही है जिम्मेदारों के कहने पर वहां तैनात सफाईकर्मचारियों ने उस मृत गाय को गड्ढा खोदकर दबा दिया। आश्चर्यचकित करने वाली बात तो ये है कि जब गौआश्रय स्थल का हाल जाना तो 02 गाय मृत अवस्था मे पाई। इससे साफ तौर पर यही जाहिर होता है कि गौआश्रय स्थल मे गाय की मौत निरंतर हो रही है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस बारे मे किसी को जानकारी देना भी उचित नहीं समझते है। प्रदेश सरकार द्वारा बनाये गये गौआश्रय स्थल पशुओ के लिये सिर्फ मृत आश्रय स्थल का काम कर रहे है। जब प्रदेश सरकार ने अन्नापशुओ के लिये गौआश्रय स्थल बनाने का ऐलान किया तब प्रदेश के साथ ही हरदोई जिले के किसानों के भी चेहरे खिले थे। लेकिन उन्हें ये नहीं मालूम था कि प्रदेश सरकार की इस बहुमूल्य योजना मे भी भ्रष्टाचार के दीमक उसी तरह लग जायेंगे और इस गौआश्रय स्थल की योजना को भी अपने व्याप्त भ्रष्टाचार तक ही सीमित रखेंगे। बावन मे ज्यादातर पशु अभी भी किसानों के खेतो मे घूमते मिलेंगे जो किसानों के खेतो को नुकसान पहुंचाने के सिवाय और कुछ नहीं करते दिखेंगे। आज बावन के गौआश्रय स्थल मे जाकर देखा तो पता चला कि अधिकारियो के चारा रखरखाव के अभाव मे अन्नापशु अपनी जान गवाने को विवश है। जिम्मेदार अधिकारीयों पर सबसे बड़ा प्रश्नचिन्ह यही उठता है कि इन बेजुबान जानवरों की मौत का जिम्मेदार कौन है। वही गौआश्रय स्थल मे तैनात सफाईकर्मचारियों व श्रमिकों का कहना है कि गौआश्रय स्थल मे तैनाती तो कर दी गई है पर यहां हमारे रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब हमारे रिपोर्टर ने बावन गौआश्रय स्थल मे हुई 02 गायों की मौत के बारे मे बावन के विकास खण्ड अधिकारी शशिकांत द्विवेदी से फोन से बात की तो उन्होंने तानाशाही से बात करते हुए कहा कि आप लोग दो गाय की मौत दिखा रहे है लेकिन एक कि मौत हुई है जिसका पोस्टमार्टम भी हुआ है।लेकिन सभी तस्वीरें आप लोगो के सामने है जो एक मृत गाय जो गड्ढे में पड़ी है। और एक खुले में पड़ी है लेकिन साहब ने तो अपना पल्ला झाड़ते हुये डॉक्टर की लापरवाही होना बताया और कहा कि एक ही मरी है जिसका पोस्टमार्टम करा दिया गया है। जबकि वहां तैनात सफाईकर्मियों की माने तो पल-पल की जानकारी हमारे द्वारा ग्राम विकास अधिकारी शशिकांत द्विवेदी को दी जाती है लेकिन उनके द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारीयों की लापरवाही से गौआश्रय स्थल मे हो रही गाय की मौतों को जिला प्रशासन संज्ञान मे लेता है। और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर ये संकेत देगा कि दोषी अधिकारियो को कतई बख्शा नहीं जाएगा। या यूंही इस मामले को दबा दिया जाएगा | ये तो आने वाला समय ही बताएगा।

Posted by रवि चौहान on 6:47 pm. Filed under , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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