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कस्तूरवा विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय जाना है तो झाड़ियों के बीच से होगा जाना।

ब्यूरो‚ रवि लाला‚ हरदोई। अरे कही आपको जगदीशपुर के प्राथमिक विद्यालय या कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय तो नही जाना है‚ अगर जाना है तो सम्भल कर जाए। आपको झाड़ियों के बीच से गुजर कर जाना होगा। आपको बतादें कि ये तस्वीरें जो हम आपको दिखा रहें है ये कही और की नही बल्कि हरदोई जनपद के विकास खण्ड क्षेत्र बावन के ग्राम जगदीशपुर में बने प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय को जाने वाली रास्ता का हाल बेहाल है। विद्यालय बने के साल बीत गए पर इस झाड़ी युक्त मार्ग से निजात नही मिल पा रही है। झाड़ियों में जंगली जानवरों का भी डर लगा रहता है ये मार्ग नहर की पटरी से होते हुए विद्यालयों तक जाता है। एक बार इसी नहर में विद्यालय के सामने झाड़ियों में एक शव भी बरामद हुआ था। जिससे बच्चे व अध्यापक काफी सहमे हुए रहते रहे। जबकि प्राथमिक विद्यालय में रोज छोटे छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए आना जाना रहता है। वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चों व अध्यापकों को वही रुकना होता है क्योंकि वह आवासीय विद्यालय है खास बात यह है कि ये विद्यालय गाँव से हट कर नहर के किनारे सुनसान जगह जंगलो में बना हुआ है इस मार्ग पर रात को गाँव के लोग भी जाने से डरते है।ये विभागीय अनदेखी का कारण है अगर विभाग चाहता तो अब तक मार्ग को दुरुस्त कराया जा सकता था लेकिन जब तक कोई घटना न घटे टैब तक प्रशाशन की नींद भी तो नही टूटेगी। इन तस्वीरों से आप खुद अंदाजा लगा सकते है कि ऐसे विद्यालय में बच्चे सुरक्षित है या नही।

Posted by रवि चौहान on 6:24 pm. Filed under , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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