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चुनावी शोर में महंगी हुई दालों ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, तीन महीने में 40 फीसदी तक बढ़ गए दाम।

मंडल ब्यूरो‚ उदयवीर सिंह‚ आगराः चुनावी शोर के बीच ही दालों के दाम ऐसे चढ़े कि खाने का स्वाद ही बिगड़ गया। महज तीन महीने में दालों के दाम 30 से 40 फीसदी तक बढ़े हैं। खुदरा और थोक दामों में बढ़ोतरी के पीछे लंबी चुनावी प्रक्रिया मानी जा रही है, जिसमें नगदी के लेनदेन को लेकर किसानों और व्यापारियों में डर पैदा हो गया। चार साल पहले 200 रुपये किग्रा के भाव तक पहुंची अरहर की दाल समेत मूंग, उड़द, मसूर आदि दालों के दाम चुनावी शोर में चुपचाप बढ़ गए। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले फरवरी के पहले सप्ताह में दालों के दाम अब मई के आखिरी सप्ताह तक पहुंचते पहुंचते 40 फीसदी तक हो गए। आगरा के बाजारों में 65 रुपये के भाव पर बिक रही अरहर इन चार महीनों में थोक में 87 रुपये पर आ गई है, जबकि खुदरा भाव 95 रुपये किग्रा है। अरहर की कुछ वैराइटी 90 रुपये किग्रा पर भी बेची जा रही है। चुनाव प्रक्रिया लंबी चलने के कारण सप्लाई पर काफी असर पड़ा, वही इसका उत्पादन भी कम रहा था। म्यांमार, आस्ट्रेलिया, कनाडा से आयात हो रही दालों की भी कीमत ज्यादा होने का असर कीमतों पर पड़ा है।

Posted by रवि चौहान on 3:22 pm. Filed under , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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