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एक घंटे तक बदमाशों से जान की गुहार लगाती रही मां, बेटा बोला- मेरी गुल्लक ले लो, हमें छोड़ दो।

मंडल ब्यूरो‚ उदयवीर सिंह‚ आगरा। 'मैं हाथ जोड़ती हूं। घर से जो सामान लूटना है, वो लूट लो। हमारी जान बख्श दो। हम किसी से कुछ नहीं कहेंगे।' घर में लूटपाट कर रहे बदमाशों से 60 मिनट तक मैनेजर की पत्नी पूनम यही गुहार लगाती रहीं। एक घंटे तक बदमाश मौत बनकर घर में मंडराते रहे। आगरा के थाना एत्माद्दौला की सांता कुंज कालोनी में हुई डकैती से निजी कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर अर्पण कुमार का परिवार अभी भी दहशत में है। घटना सोमवार तड़के तीन बजे की है। बदमाशों ने घर में घुसते ही पति अपर्ण, पत्नी पूनम और मासूम बेटे को गन प्वाइंट पर ले लिया। एक बदमाश ने पूनम के छह साल के बेटे अमृत को गोद में उठा लिया। उसकी कनपटी पर पिस्टल तान दी। इसके बाद उसके साथ ही घर की तलाशी लेते रहे। उन्होंने कमरे में रखे बेड से लेकर किचिन, बाथरूम तक को चेक किया। बाद में पूनम ने बदमाशों से कहा कि चार बजे उनका किरायेदार आता है। वो पेपर डालने का काम करता है। इसलिए चले जाओ। इस पर बदमाश एक घंटे बाद चले गए। छह साल के अमृत को जब एक बदमाश ने गोद में लिया तो वो समझा कि कार्टून वाले बदमाश हैं। उसने बदमाशों से कहा कि मेरी गुल्लक ले लो। हमें छोड़ दो। इस पर बदमाशों ने उसकी गुल्लक भी ले ली। पूनम ने बताया कि हाल में उन्होंने एक प्लाट की रजिस्ट्री कराई है। इस कारण घर में पैसा नहीं था। मगर, बदमाशों को यह पता था कि वह रजिस्ट्री कराने वाले हैं। इसलिए वह बार-बार यही पूछ रहे थे कि रजिस्ट्री कराने के लिए पैसा कहां रखा है। पूरे घर की तलाशी ली। इससे आशंका है कि बदमाशों ने रेकी करके वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों की संख्या सात-आठ थी। कुछ घर के बाहर खड़े हुए थे तो कुछ अंदर थे। इनमें एक बदमाश ही बोल रहा था। उसकी भाषा भी स्थानीय की थी। उम्र भी तकरीबन 23-25 वर्ष थी। वह पैंट और टीशर्ट पहने हुए था। उसने अपने हाथ में पिस्टल ले रखी थी। वह पूनम को यकीन दिलाने के लिए बार-बार पिस्टल की मैगजीन निकालकर उसे दिखाता था। उनसे कई बार कहा कि देख लो असली है। झूठ मत समझना। जान से मार देंगे। तीन बदमाशों ने ही चेहरे ढके थे। एक मोटा था। बदमाशों ने मंदिर में रखे रुपये भी नहीं छोड़े। मंदिर में 50, 20 और दस की गड्डी रखी थी। इसके अलावा भी कई नोट थे। यह कब्जे में ले लिए। इस दौरान दस के कुछ नोट उनके देकर चले गए। घटना से अर्पण, उनकी पत्नी पूनम और बेटा दहशत में है। पूनम का कहना था कि वह घर के अंदर भी सुरक्षित नहीं है। ऐसे में उनके पास किसी सुरक्षित जगह घर लेने के अलावा कोई उपाय नहीं हैं।

Posted by रवि चौहान on 3:49 pm. Filed under , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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