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दून कॉलेज की डक़ैती.....एक षड्यंत्र .....



रिपोर्ट : राजीव कुमार मोंगरा

सहारनपुर : रात के समय रूटीन चेकिंग के लिये
थाना बिहारिगढ़ के एस.एच.ओ. बिजेन्द्र सिंह रावत बिहारिगढ़ के मार्किट एरिया में गस्त पर थे ।
तभी अचानक उनके मोबाइल पर एक अन्जान नम्बर से कॉल आई कॉल रिसीव करने पर उधर से घबराहट भरी आवाज़ आई और सुचना मिली की दून कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में डक़ैती हुई है ।
डक़ैती शब्द सुनते ही एसएचओ बिजेंद्र सिंह रावत के चेहरे पर गम्भीर भाव उभर आये ।
जब कॉल आई उस समय रात के 8:05 का टाइम था । मामले की गम्भीरता को देखते हुए बिजेंद्र सिंह रावत ने अपने ड्राईवर को गाडी को दून कॉलेज सुंदर पुर ले जाने के लिये कहा ड्राईवर ने तेज गति से गाडी को चालते हुए 8:15 पर दून कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में पहुँचा दिया । तेजतर्रार थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत जिन्होंने 8 /12/2018 को ही चार्ज सम्भाला था उससे पहले क्राइम ब्रांच में इंचार्ज के पद पर नियुक्त थे ।
उनके क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना को बदमाशो द्वारा अंजाम देना बड़ा ही दुःसाहस भरा कार्य था ।

घटना स्थल पर पहुँचने के बाद थाना प्रभारी ने लूट की इस घटना की जानकारी ली तो उस समय वँहा पर इंद्रसिंह सांगवान और उनकी पत्नी लता रानी उनका दूधिया ,खाना बनाने वाले कुक और स्कूल स्टाफ मौजूद थे । उन सभी ने बताया की घटना अभी कुछ देर पहले की है और लुटेरे कॉलेज के पीछे से बहार की और गए है ।
थाना प्रभारी ने तुरन्त एक्शन लेते हुए दलबल के साथ कॉलेज के पीछे सटे हुये खेत में कॉम्बिंग शुरू कर दी मगर कुछ भी हाथ न लग पाया ।
मामला सहारनपुर के एक जानेमाने कॉलेज में हुई डकैती का था ।
जल्द ही ये खबर पुरे जिले में आग की तरह फ़ैल गयी ।
डकैती की सुचना से आला-अधिकारियों में हड़कम्प मच गया।
जल्दी ही घटना स्थल पर एसएसपी सहारनपुर मय पुलिस फ़ोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुँच गए ।
घटना में घायल हुए लोगो को जल्दी ही अस्पताल पहुँचाया गया । लुटे गए रूपये और ज्वैलरी की टोटल कीमत कितनी थी इसका अंदाजा लगाना अभी मुश्किल था फिर भी एक अनुमान के साथ लूट तकरीबन पचास लाख से अधिक की थी ।
चूँकि मामला हाईप्रोफाइल से सम्बंधित था तो एसएसपी दिनेश कुमार पी. स्वम् इसकी मोनिटरिंग कर रहे थे ।
उन्होंने तेजतर्रार थाना बिहारिगढ़ प्रभारी को इसे एक चैलेंज के रूप में दिया और कहा के इसका खुलासा जल्द से जल्द होना चाहिए । इस घटना के खुलासे के लिये एसएसपी सहारनपुर ने एक महीने का समय दिया ।
बिजेंद्र सिंह रावत ने इस चैलेंज को स्वीकारते हुए इस घटना से सम्बंधित जानकारी जुटानी शुरू कर दी ।

मूलतः हरियाणा राज्य के जिला महेन्द्रगढ़ स्थित नारनोल के रहने वाले इंद्रसिंह सागवान लगभग 16 वर्षो से सहारनपुर के थाना बिहारिगढ़ क्षेत्र के सुन्दरपुर में रहते है ।
यंहा पर इनके बेटे प्रवीण चौधरी जो की दून कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के मालिक है कॉलेज में ही इनका निवास स्थान है ।

लूट के शिकार हुए इंद्रपाल सिंह और उनकी पत्नी लता रानी ने पुलिस को अपने ब्यान में बताया की घटना के समय हम दोनों के अलावा भतीजा प्रियांशु,विनोद,खाना बनाने वाला कुक विक्रम,दूध निकालने वाला दूधिया सुशील कुमार और कॉलेज का स्टाफ कॉलेज में मौजूद था ।
लगभग 8 बजे दूधवाला सुशील कुमार आया और उसके तुरन्त बाद ही चार बदमाश कॉलेज में घुस आये ।
बदमाशो ने आते ही सबसे पहले दूधिये,कुक और दोनों पति-पत्नी को असलहो के बल पर बंधक बना लिया ।
और लूट की घटना को अंजाम दिया ।
उस दौरान उनके पालतू कुत्ता पैटबूल भी था मगर वो भोंका नही ।
इस दौरान बदमाशो द्वारा बन्दूक की बट मारने से दोनो पति-पत्नी गम्भीर घायल हो गए थे ।
घटना स्थल की गहनता से जाँच और बयान नॉट करने के बाद बिहारिगढ़ थाना प्रभारी की अध्यक्षता में तीन टीमो का गठन किया गया ।
एसआई सुधीर उज्ज्वल को स्वाट टीम की कमान,
एसआई जर्रार हुशेन को इंटेलिजेंस टीम की
और एसआई मुबारिक हसन सर्विलांस टीम की कमान सौंपी गयी टोटल 30 लोगो की पुलिस टीम अलग-अलग क्षेत्रो में कार्यवाही कर रही थी ।
चारो और मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया था ।
29 दिसम्बर 2018 को हुई इस  घटना की अभी तक पुलिस को किसी भी प्रकार का कोई सुराग़ नही मिल पा रहा था ।
पुलिस ने सारे तथ्यों पर दोबारा गहनता से जाँच शुरू कर दी थी ।  घटना के दो दिन बाद जब बी.एस.रावत घटना स्थल पर पहुँचे और परिवार के सदस्यों से बात की इस दौरान कई वांछित बदमाशो के फोटो लूट के शिकार परिवार के सदस्यों को दिखलाये तो प्रियांशु जो की पीड़ित का भतीजा है उसने उनमें से एक फ़ोटो को पहचानते हुए कहा की एक बदमाश इसके जैसा था । जिस बदमाश का फ़ोटो उसने पहचाना था उसका नाम फरीद पुत्र रूकमदीन निवासी ग्राम तुरमतखेड़ी थाना रामपुर मनिहारन था । फरीद का अपराधिक इतिहास लम्बा चोडा था उसके ख़िलाफ़ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत थे । फरीद का नाम इस लूट में हो सकता था इस बात को पुलिस ने गम्भीरता से लिया और तुरन्त ही एक्शन लेते हुए फरीद के गाँव तुरमतखेड़ी एक पुलिस टीम को भेजा मगर वँहा से फरीद हाथ नही लगा ।
19 फ़रवरी की रात्रि को
मामले पर नई रणनीति बनाते हुये
थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत थाणे में विशेष मीटिंग कर रहे थे
तभी उनके मोबाइल पर एक फोन आया और फोन करने वाले ने जो सुचना उनको दी उससे उनके चेहरे पर एक चमक नजर आने लगी ।
सुचना देने वाले ने उनको एक गाडी में कुछ सन्धिगद लोगो के होने की सुचना दी थी ।
सुचना मिलते ही बी.एस.रावत अपनी पूरी टीम के साथ 19/20 जनवरी की मध्यरात्रि को हसना वाला रोड पर पहुँच गए वन्ही पर  बने खण्डर में बिना नम्बर की एक स्वीफ्ट गाडी खड़ी थी जिसमे कुछ सन्धिगद लोग मौजूद थे ।पुलिस टीम ने उस गाडी को घेरकर उसमे बैठे लोगो को बहार निकलने के लिये कहा तो उन्होंने भागने का प्रयास किया मगर पुलिस की गिरफ़्त से बच नही पाये ।
पकड़े गए सभी बदमाशो में से एक फरीद भी था जिसे पुलिस टीम के एक सदस्य ने पहचान लिया । पकड़े बदमाशो की जब तलाशी ली गयी तो इनके पास से चार तमंचे एक पिस्टल और एक चाकू बरामद हुआ जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की गयी तो पुलिस को मालूम हुआ की इन लोगो ने ही दून कॉलेज में लूट की घटना को अंजाम दिया था । पूछताछ में जो जानकारी सामने आई वो इस प्रकार है घटना की साजिश रचने वाला कोई और नही बल्कि दून कॉलेज में पैंट-कलर का काम करने वाला वसीम पुत्र लईक निवासी रहमानी चौक थाना मण्डी जिला सहारनपुर ही निकला ।
वसीम बहुत दिनों से दून कॉलेज में पेंट का कार्य कर रहा था । उसने बताया की दून कॉलेज के चेयरमैन के पास काफी ज्यादा रकम है और घर पर दो वृद्ध व्यक्ति ही रहते है तो हम सबने चेयरमैन के घर पर डकैती डालने की योजना बनाई और सही समय देखकर करीब एक माह पहले दून कॉलेज में बने चैयरमेन के आवास के पीछे से अंदर घुस गए तथा अंदर मौजूद व्यक्तियो को डरा धमका व् मारपीट करके नकदी और सोने चाँदी के जेवरात को लूटकर ले गए थे ।
जिसका बटवारा ग्राम कल्लरपुर गुर्जर में आपस में कर लिया गया ।
गिरफ्तार किये गए अभ्ययुक्तो की निशान देहि पर लूट के 40 लाख 90 हजार रुपए नकद,जेवरात,एक बिना नम्बर की स्वीफ्ट डिजायर कार और एक स्पलेंडर मोटर सायकिल न.यूपी 11बीएच-14 31
बरामद किये गए ।
गिरफ्तार किये गए परवेज पुत्र इस्लाम निवासी ग्राम तुरमत खेड़ी  थाना रामपुर,
फरीद पुत्र रुकमदिन गुर्जर निवासी तुरमतखेड़ी थाना रामपुर,
शराफत पुत्र शरीफ निवासी सय्यद अफ़गान कस्बा थाना झिझना जिला शामली, अंकुर पुत्र मनोहर सिंह निवासी अंनतमऊ थाना ननोता, अरशद पुत्र असगर निवासी ग्राम बलवा गुर्जर जिला शामली, शाहिद उर्फ़ चाँद पुत्र शफ़ीक अंसारी निवासी मो.निल रोज़ा कस्बा थाना झिझना जिला शामली ।
पकड़े गए सभी बदमाश शातिर किस्म के अपराधी है और सभी पर दर्जनों मुकदमे पंजीकृत है ।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एडीजी मेरठ ने नकद 50 हजार की धनराषि पुरुषकार स्वरूप दी ।

Posted by रवि चौहान on 7:54 pm. Filed under , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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