|

मीट फैक्ट्रियों से बढ़ा मौत का ग्राफ, अब तक गईं 400 लोगों की जान|

मेरठ में मीट के कारोबार में पिछले सालों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। जैसे-जैसे यह कारोबार बढ़ता गया, वैसे ही मीट फैक्ट्रियों के आसपास के गांवों में मौतों का ग्राफ भी बढ़ता गया। लोगों की मौतें तो हो ही रही हैं, साथ ही वे बुरी तरह बीमार भी हो रहे हैं। मीट फैक्ट्रियों का पानी सीधे जमीन में बोरिंग किया जा रहा है। पिछले एक साल में ही करीब 400 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से कुछ का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है। बाकी मौतें कागजों में नहीं, सिर्फ ग्रामीणों के जेहन में हैं।
पिछले 20 सालों में हापुड़ रोड मीट कारोबार का बड़ा केंद्र बन गया है। पिछले 10 साल में तो यह कारोबार आसमान छूने लगा। खास तौर पर अलीपुर गांव व आसपास के पूरे क्षेत्र में आज मीट फैक्ट्रियों हैं, जिनमें से कई तो अवैध हैं। यहां से विदेशों तक मीट सप्लाई किया जाता है। वहीं मेरठ शहर से लेकर गांव फफूंडा व इससे आगे तक मीट कारोबारियों से जमीन खरीद रखी है।

Posted by रवि चौहान on 6:14 pm. Filed under , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

0 टिप्पणियाँ for "मीट फैक्ट्रियों से बढ़ा मौत का ग्राफ, अब तक गईं 400 लोगों की जान|"

Leave a reply

सर्वाधिक पढ़ी गयी

Recently Added

Recently Commented