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गांवों में सफाई न होने से बढ़ी गंदगी, और जानलेवा बुखार‚ अब तक क्षेत्र में सैकड़ो हो चुके है शिकार।

ब्यूरो‚ राजीव शर्मा, सहारनपुर। गंगोह विकास खंड के दर्जनों गांवों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति के बावजूद बरसात से पहले नालियों की सफाई कराने की कोई कवायद नहीं की जा रही है। इससे बरसात होते ही गांवों में भीषण गंदगी बढ़ने और नालियों के जाम होने के आसार बढ़ गए हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है। पंचायती राज विभाग की ओर से गांव की सफाई के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत के गांवों को साफ-सुथरा कर संक्रामक रोगों से मुक्त कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपये दे रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की दशा बदल नहीं पा रही है। तमाम ग्राम स्वच्छता समितियां धरातल पर सफाई न कर धन की सफाई करने में लगी हैं। ग्राम पंचायतों में एएनएम और प्रधान के नेतृत्व में स्वच्छता समितियां गठित हैं। इनको हर साल स्वास्थ्य विभाग से 10 -10 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है, लेकिन समितियां धन का सदुपयोग नहीं करती हैं। बताते हैं, एनआरएचएम के तहत मिलने वाली इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं न तो दवा छिड़की जाती है और न ही साफ सफाई कराई जाती है। गर्मी में गंदगी और मच्छरों से संक्रामक रोगों के पनपने की आशंका बलवती दिखाई दे रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर पड़े हुए है।
खाते में दाम, नहीं कराते काम
ग्राम पंचायतों की स्वच्छता समितियों के खाते में रुपये होने के बावजूद तमाम गांवों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए कोई काम नहीं किया गया है। समिति को ग्राम पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य व्यवस्थाओं आदि को ग्रामीणों को पोषण उपलब्ध कराने की भी जिम्मेदारी दी गई है, मगर अधिकांश ग्राम पंचायतें इस बजट के सदुपयोग में कोई रुचि नहीं ले रहीं हैं। आबादी के अनुसार सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है, लेकिन सरकार की मंशा के विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात से पहले नालियों की साफ सफाई कराने की कोई कवायद होती दिख नहीं रही है। अइलख गांव के प्रधान ने एडीओ पंचायत को शिकायती पत्र लिखा है। गांवों में सफाई कार्य नहीं होने के कारण  सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नालियों का पानी रास्तों पर बह रहा है। क्षेत्र के बुढ़ाखेड़ा, आलमपुर, फखनपुर, सुखेड़ी,लखनौती, आदि दर्जनों गांवों में सफाई कार्य नहीं होने के कारण जगह-जगह कूडों के अंबार लगे हुए हैं।  यहां तैनात सफाई कर्मी कभी गांव में आता ही नहीं है।
 लेकिन इस पर एडीओ पंचायत मौन साधे हुए हैं। इससे गांव में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़ों के अंबार लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि बरसात होने से पहले अगर साफ सफाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों के पांव पसारने की आशंका प्रबल हो जाएगी। क्षेत्र के मामचंद बी. डी. सी., विशाल, गौरव, सुशील, अंकुश, विवेक, रामपाल, कर्मवीर, जयकरण शर्मा, गुड्डू आदि ने नालियों की सफाई तत्काल कराए जाने की मांग की है।
गंदगी से अटी नालियां का पानी सड़कों पर बह रहा है। गांव में भीषण गंदगी है। इसकी वजह से मच्छरों का भी जोर है। और वर्तमान मे सेकड़ो लोग बुखार मलेरिया की चपेट मे आ गए है गांव वालों  का कहना है कि गांव में साफ-सफाई शायद ही कभी होती हो। अब तो दवा का छिड़काव भी नहीं होता।

Posted by रवि चौहान on 2:27 pm. Filed under , , , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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