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डग्गामारी पर रहम, ई-रिक्शाओं पर सितम।

दीपक कुमार जांगिड ब्यूरो शामली। कैराना। परिवहन निगम की लीला भी निराली है। यातायात नियमों का पालन कराने और व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए एआरटीओ द्वारा कैराना में चलाया गया। अभियान मात्र खानापूर्ति तक सिमट गया। एआरटीओ ने कार्रवाई करते हुए 11 ई-रिक्शाओं के साथ 10 चालकों को गिरफ्तार किया। लेकिन खटारा डग्गामारी पर आंखें तक उठाने का दम नहीं भर सके। इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से ई-रिक्शा चालकों में आक्रोश भी बना रहा। शुक्रवार सुबह एसडीएम डाॅ० अमितपाल शर्मा ने तहसीलदार रनबीर सिंह को एआरटीओ मुंशीलाल के साथ नगर क्षेत्र में यातायात नियमों के विरूद्ध फर्राटा भरने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसके अनुपालन में एआरटीओ ने तहसीलदार और पुलिस टीम के साथ नगर में धरपकड़ अभियान चलाया। इस दौरान पानीपत-खटीमा राजमार्ग, शामली बस स्टैंड, कांधला तिराहा, तितरवाड़ा चुंगी आदि स्थानों से 11 ई-रिक्शाओं को पकड़ लिया गया। इनमें बगैर रजिस्ट्रेशन और रजिस्ट्रेशन वाली भी शामिल है।
जिस समय एआरटीओ कैराना में कार्रवाई करते हैं। तो उसकी सूचना डग्गामार ठेकेदार को पहले ही कर दी जाती है। जिसके बाद वह तमाम डग्गामार जीपों को तितर-बितर करा देते हैं। जैसे ही एआरटीओ कार्रवाई कर शामली की ओर निकलते हैं। वैसे ही फिर से डग्गामार भी शुरू हो जाती है। यानि पांच मिनट डग्गामार बंद रहने के बाद सड़कों पर फिर से फर्राटा भरना शुरू कर देती है। पूर्व में डग्गामारी के कारण होने वाले हादसों में लोग अपनी जानें भी गंवा चुके हैं।
-ई-रिक्शा चालकों का शांतिभंग में चालान
एआरटीओ की कार्रवाई के दौरान ई-रिक्शा चला रहे सतीश निवासी पानीपत, विजय, गुलाब निवासीगण मोहल्ला बेगमपुरा, सेठू निवासी मवी, मुकेश निवासी गुलशन नगर, इरशाद निवासी खैलकलां, जमील निवासी काजी का बाग, रमजानी निवासी अफगानान, वसीम निवासी शामली व शहजाद निवासी ग्राम मोहम्मदपुर राई को गिरफ्तार किया गया। इन सभी का पुलिस ने ई-रिक्शाओं को लेकर झगड़ा करने के आरोप में शांतिभंग की आशंका में चालान कर कोर्ट में पेश किया है।
मौके से 10 ई-रिक्शा चालकों को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि एक मौके से फरार होने में सफल हो गया। बाद में सभी ई-रिक्शाओं को कोतवाली में बंद करने के साथ ही पकड़े गए चालकों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उधर, लगभग दो घंटे तक चलाए गए अभियान के दौरान एआरटीओ किसी एक भी डग्गामार जीप को नहीं पकड़ सके। अभियान के चलते एआरटीओ डग्गामारों पर कार्रवाई करने से कतराते नजर आए। ऐसे में सवाल यह है कि कैराना-पानीपत रूट पर दौड़ने वाली सैकड़ों की संख्या में खटारा डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई किए बिना आखिर यातायात नियमों का पालन कैसे हो पाएगा और यातायात व्यवस्था कैसे पटरी पर आ सकेगी। बताया जाता है कि जिन ई-रिक्शाओं को एआरटीओ ने बंद कर दिया है, उनमें बहुत-से ऐसे भी हैं, जो दिनभर ई-रिक्शाओं को दिनभर चलाकर अपने परिवार की शाम की रोजी-रोटी का जुगाड़ करते हैं‚
और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन, ई-रिक्शाओं पर कार्रवाई और डग्गामार पर कार्रवाई न होना भी परिवहन की व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर रहा है। सवाल यह भी है कि जब परिवहन निगम के अधिकारियों की साठगांठ से ही डग्गामार खटारा गाड़ियों का संचालन होगा। तो फिर उन पर अंकुश लग पाए, यह सोचना भी गलत होगा। हर माह चढ़ती अफसरों को भेंट दशकों से कैराना नगर में प्रतिबंधित डग्गामार जीपों का संचालन खाकी, खादी एवं रसूखदार नेताओं के संरक्षण में धडल्ले से जारी है। सूत्र बताते हैं कि प्रतिमाह डग्गामार ठेकेदार एकमुश्त रकम कोतवाली पुलिस और एआरटीओ की भेंट चढ़ाता है। जिसके चलते एक गाड़ी से प्रतिदिन 200 से 300 रूपये तक वसूले जाते हैं। साठगांठ और ऊंची पहुंच के कारण ही डग्गामारी का पहिया थम नहीं पा रहा है। और पांच मिनट बाद चल जाती है डग्गामार

Posted by रवि चौहान on 1:34 pm. Filed under , , , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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