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दिल्ली मेट्रो पॉलिटिशन एजुकेशन लीगल एड सेल तथा जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लगाया शिविर

सोनू शर्मा संवाददाता, दिल्ली मेट्रो पॉलिटिशन एजुकेशन लीगल एड सेल तथा जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शिविर लगाया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गरीब व्यक्तियों, महिलाओं एवं बच्चों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से डीएमई लॉ कॉलेज के द्वारा कानूनी शिविर लगाकर बहुत ही अद्भुत प्रयास किया गया है। जिसके माध्यम से होशियारपुर एवं उसके आसपास के व्यक्तियों को कानूनी जागरूकता के लिए मदद मिलेगी। उन्होंने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि निशुल्क कानूनी सहायता हमारे संविधान के मौलिक अधिकारों का अभिन्न अंग है। और निशुल्क कानूनी सहायता सभी नागरिकों का एक मौलिक अधिकार भी है। जिला जज ने कहा कि विवाद एक छोटे पौधे की तरह है जो बाद में एक विकराल वृक्ष बन जाता है। मुकदमे बाजी से विवादों का खात्मा नहीं होता। उन्होंने कहा कि विवाद से सुख-शांति शनै शनै अपने से दूर चली जाती है। हम जिनके साथ रहते हैं उनके साथ निभाना सीखें। निभाना आ जाएगा तो जीवन में सुख शांति बढ़ती चली जाएगी। उन्होंने कहा कि मुकदमे बाजी में फसना कभी अच्छा नहीं है। मुकदमे बाजी से हम जन जाल में फंसते चले जाएंगे। लड़ने के भाव को खत्म करना होगा। छोटे छोटे विवादों को आपसी सुलह समझौते से निपटाने की कार्रवाई समाज में करने के उद्देश्य से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे। इसी उद्देश्य से जिला विधिक प्राधिकरण कार्य कर रहा है। और सुलह समझौते के आधार पर बहुत से विवादों को निपटाने का कार्य इस फोरम के माध्यम से किया जा रहा है। जिला जज के द्वारा अपने सारगर्भित भाषण में बाद विवादों से बचने, आपसी वैमनस्यता को खत्म करने तथा मेलजोल से रहने पर बल दिया गया। ताकि हमारे समाज मे मुकदमें बाजी कम हो सके। मुकदमे बाजी से संबंधित व्यक्तियों का जीवन बर्बादी की ओर चला जाता है। अतः हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिससे समाज में कम से कम मुकदमे वादी हो। उन्होंने इस अवसर पर डीएमई के द्वारा अपने कॉलेज में कानूनी सहायता क्लिनिक खोला गया है। जिससे होशियारपुर के लोगों को अधिक से अधिक विधिक जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए डीएमई कॉलेज के सभी संचालक गण धन्यवाद के पात्र हैं। इस महत्वपूर्ण साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीलू नैनवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के गरीब व्यक्तियों, महिलाओं, बच्चों एवं नि सहाय को निशुल्क एवं सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से जनपद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्य कर रहा है। और विभिन्न गतिविधियां संचालित करते हुए जनसामान्य को इस फोरम का लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण फोरम का अधिक से अधिक जन सामान्य को लाभ प्राप्त हो सके इस उद्देश्य से जनपद में 13 विधिक सहायता केंद्र की स्थापना लॉ कॉलेजों में की गई है। जिसके माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिला जेल में दो विधिक सहायता केंद्र खोले गए हैं। तथा एक बच्चा जेल में संचालित किया जा रहा है। उसके अलावा लॉ कॉलेज में विधिक सहायता केंद्र संचालित हैं। सचिव ने बताया कि आपसी सुलह नामे के आधार पर विभिन्न मुकदमे समाप्त हो सकें और सुलभ एवं सरल प्रकार से जनता को लाभ प्राप्त हो इसके लिए प्रत्येक माह लोक अदालत का आयोजन भी इस फोरम के माध्यम से किया जा रहा है। जिसका अधिक से अधिक जनता लाभ अर्जन कर सकती है। नीलू नैनवाल ने इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के गठन एवं उसके कानून के संबंध में विस्तार परख रूप से ग्रामीणों को जानकारी उपलब्ध कराएं। और किस प्रकार वह इसका आसानी से लाभ उठा सकते हैं। इसके संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस महत्वपूर्ण शिविर में तहसीलदार दादरी आलोक प्रताप सिंह के द्वारा भी जनसामान्य किस प्रकार से अपनी समस्याओं को आसानी से निपटा सकते हैं। और सरकार के द्वारा उन्हें क्या सुविधा प्रदान की जा रही है। संपूर्ण थाना दिवस, संपूर्ण तहसील दिवस एवं सरकार के आइजीआरएस पोर्टल की विस्तार परख रूप से जानकारी उपलब्ध कराई गई। आयोजित शिविर में निशुल्क कानूनी सहायता, शिविर में लोगों को एफ आई आर दर्ज करने, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना अधिनियम के तहत विकास परियोजनाओं के लिए संपत्ति का अधिग्रहण, घरेलू हिंसा, संपत्ति मामलों, बच्चों के हितों से संबंधित मामलों, उपभोक्ता अधिकार इत्यादि विषयों पर वक्ताओं के द्वारा विस्तारित रूप से जानकारी उपलब्ध कराई गई। डीएमई के छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक करते हुए घरेलू हिंसा पर प्रकाश डाला गया । आयोजित महत्वपूर्ण शिविर में डीएमई के कानूनी सहायता केंद्र के अध्यक्ष पीएन पाराशर और भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग के पूर्व सदस्य द्वारा अवगत कराया गया कि कानूनी सहायता क्लिनिक जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण नोएडा के साथ मिलकर नियमित रूप से डीएमई परिसर और होशियारपुर गांव के परिसर में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न कानूनी सहायता परियोजनाओं को निष्पादित करने के लिए कानूनी सहायता क्लिनिक ने होशियापुर गांव को मॉडल गांव के रूप में अपनाया है। पी एन पाराशर ने बताया कि हर महीने गांव में विभिन्न विषयों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे और क्लीनिक लोगों को सभी प्रकार की कानूनी सहायता एवं सुझाव देने के लिए तत्परता के साथ कार्य करेगा। कानूनी सहायता केंद्र के अध्यक्ष पीएन पाराशर ने शिविर में होशियारपुर के ग्राम प्रधान अजय यादव के द्वारा  दिए सहयोग के लिए भी धन्यवाद किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में डीएमई के उपाध्यक्ष अमन साहनी तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों अधिवक्ताओं तथा ग्रामीण जन सामान्य के द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर मुकेश कुमार के द्वारा किया गया।

Posted by रवि चौहान on 3:34 pm. Filed under , , , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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