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हमे अपना जीवन ऐसे कार्यो पर खर्च करना चाहिए जो जीवन के बाद भी बने रहे : राकेश सैनी

दीपक कुमार जांगिड ब्यूरो शामली। आज दिनाँक 31-10-2018 में प्राथमिक विद्यालय बदलूगढ़ कैराना में सरदार वल्लभभाई पटेल की 143 जयंती बडी धूम-धाम के साथ मनाई गयी। इस अवसर प्रधानाध्यापक राकेश सैनी ने बच्चों को बताया की जिस महापुरुष के चित्र पर आप सभी ने फूल चढ़ाये है। इनका नाम सरदार वल्लभभाई पटेल है‚ और इनका जन्म आज अर्थात 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के प्टेललाद के करमसद गाँव में हुआ था। इनके साहस की एक घटना तब की है। जब ये मात्र 6 वर्ष के थे इनकी आँख के पास एक फोड़ा निकल आया था। इन्होंने खुद लोहे की एक सलाख गर्म करके फोड़े में धसा दी थी। इनकी पढ़ने में बहुत रुचि थी जब ये विदेश में पढ़ते थे तो मिलो दूर पैदल ही पुस्तकालय में जाते थे‚ और पैदल ही शाम होने पर आते थे। इन्होंने अपने जीवन में बहुत से महान कार्य किये जैसे इनका पहला कार्य बेगार प्रथा को दूर करना था। दूसरा इन्होंने अग्रेजो द्वारा बढ़ाये गये। अधिक लगान को कम कराया यँहा से इन्हे सरदासर की उपाधि मिली। सत्याग्रह आंदोलन में गांधी जी की बहुत मदद की। ये आजाद भारत के पहले ग्रह मंत्री बने । सरदार पटेल को जिस कार्य के लिए सदैव याद किया जाएगा वह है देशी रियासतो का एकीकरण। इन्होंने लगभग 600 रियासतो को भारतीय संघ का अटूट अंग बनाकर भारत के मानचित्र को नवीन स्वरूप प्रदान किया। इसलिए उन्हें भारत का लौहपुरुष कहा जाता है। इनका सफलता का मूल मन्त्र कर्त्तव्यपालन और कठौर अनुशासन और अपव्यय बिलकुल न करो। वर्ष 1991 में इन्हे भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। महापुरषो के जीवन से हमे प्रेरणा मिलती है की हमे अपना जीवन ऐसे कार्यो पर खर्च करना चाहिए जो जीवन के बाद भी बने रहे । इस अवसर पर समस्त स्टाफ उपस्थित रहा ।

Posted by रवि चौहान on 4:45 pm. Filed under , , , , , . You can follow any responses to this entry through the RSS 2.0. Feel free to leave a response

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